इतिहास रचेगी “मोर गांव मोर देस”

झारखंड के इतिहास में फ़िल्म ‘मोर गांव ​मोर देस’ पहली ऐसी फिल्म बनने जा रही है जो एक रीजनल फ़िल्म होने के बावजूद झारखंड के 51 सिनेमा घरों में रिलीज़ होगी, जिसमें सिंग्लप्लेक्स और मल्टीप्लेक्स दोनों तरह के सिनेमा घर शामिल हैं….और वो हिस्टोरिकल दिन होगा 13 जुलाई 2018, जब हर झारखंड वासी रथ मेला के उल्लास से भरपूर होंगे….

Read more

फटा पोस्टर निकला….’मोर गांव मोर देस’

झारखंड की धरती से ये पहला मौका होगा जब किसी क्षेत्रीय भाषा (नागपुरी) की फ़िल्म के पोस्टर को बंगाली फिल्मों के दर्जे पर तैयार किया गया हो…..पेश है फ़िल्म ‘मोर गांव मोर देस’ की पहली झलक….खास इन्फो इंडिया के रीडर्स के लिए…..

Read more

फ़िल्म “मोर गांव मोर देश”

झारखंड की क्षेत्रीय भाषा नागपुरी में बनी फिल्मों की फेहरिस्त कम नहीं है….लेकिन अब तक झारखंड की कृषि (एग्रीकल्चर) के इर्द गिर्द कहानी बुनने की कोशिश किसी ने नहीं कि…. झारखंड के फिल्मकार अश्विनी कुमार ने फ़िल्म “मोर गांव मोर देश” के ज़रिए यहां की उन्नत कृषि को आधार बना कर युवाओं को अपने गांव वापस आने का संदेश दिया

Read more

कान्स में जाएगी फ़िल्म “लोहरदगा’

मंगलवार 29  मई को झारखण्ड में बनी हिंदी फीचर फिल्म “लोहरदगा” के लेखक व निर्देशक लाल विजय नाथ शाहदेव ने रांची स्थित “झारखण्ड फिल्म एंड थिएटर एकेडेमी” के एक्टिंग के छात्रों के साथ फिल्म से जुड़े अपने अनुभव बांटें, और छात्रों के अभिनय से जुड़े कई सवालों का भी बखूबी जवाब दिया, मौके पर उनके साथ झारखण्ड के जाने माने

Read more

जलता हुआ पेड़

झारखंड के ​बडकागांव धर्मशाला के निकट गुरुचटी में वज्रपात से धू-धू कर जलता विशाल जामुन का पेड़…..इसी लिए बड़े बुज़ुर्ग कहते हैं ….बारिश के समय पेड़ के नीचे कभी खड़ा नहीं होना चाहिए…

Read more

स्कूलों में “नून असेंबली” का आग़ाज़

बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक नई असेम्बली…. अपने विद्यार्थियों को सही समय पर विटामिन डी दिलाने के लिए उर्सुलिन कॉन्वेंट गर्ल्स स्कूल, रांची ने सुबह के बजाय दोपहर में असेम्बली का आयोजन किया। मेडिकल रिसर्च के अनुसार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच धूप में 20 मिनिट रहने से शरीर में  5 गुना ज़्यादा विटामिन डी

Read more
« Older Entries