मिटते निशां: कुएं का पानी

इसे कुआं कहते हैं….इसका पानी बहुत मीठा होता है…गांवों में लोग आज भी एक साथ कुएं के पानी से ही अपनी दिनचर्या शुरू करते हैं…

कुछ ऐसे ही मशक्कत करनी पड़ेगी हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को कुएं की रूप रेखा और उपयोगिता समझने में…

शहर बड़ा हो या छोटा, बड़ी – बड़ी इमारतें शहर को अब ढकने लगी हैं। लोग अपार्टमेंट में रहना पसंद करने लगे हैं…RO और Purifier का पानी पीने लगे हैं….

ज़ाहिर है सालो बाद हम गांवों में जब छुट्टियां मनाने जाएंगे तो बच्चे भी कुआं दिखाने की बात करेंगे और हम भी उन्हें कुएं की महत्ता समझा कर फुले नहीं समायेंगे….क्योंकि कुआं दूसरे मोनुमेंट्स की ही तरह मिटते निशां जो बन जायेगा।

Advertisements