दार्जिलिंग और आसाम जैसी चाय झारखंड में……

चाय की खेती की बात आते ही निश्चित रुप से आसाम और दार्जिलिंग की सोच मन में आने लगती है। लेकिन अब इस सोच को दरकिनार करते हुए झारखंड के हजारीबाग जिले में चाय की खेती के लिए कदम बढ़ाया गया है। जिले के डेमोटांढ़ स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र में चाय की खेती की गई है, जहां से अब चायपत्ति उपलब्ध होने लगेंगे।

चाय की खेती की बात आते ही निश्चित रुप से असम और दार्जिलिंग की सोच मन में आने लगती है। लेकिन अब इस सोच को दरकिनार करते हुए झारखंड के हजारीबाग जिले में चाय की खेती के लिए कदम बढ़ाया गया है। जिले के डेमोटांढ़ स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र में चाय की खेती की गई है, जहां से अब चायपत्ति उपलब्ध होने लगेंगे


डेमोटांढ़ कृषि अनुसंधान केन्द्र में वर्ष 2005 में अनुसंधान के तौर पर लगभग ढाई एकड़ में चाय की खेती की गई। हालांकि देख-रेख के अभाव में बीच में खेती थोड़ी खराब हुई। लेकिन अब यह चाय बगान चायपत्ति देने के लिए तैयार है। यही वजह है कि यहां चाय की प्रोशेसिंग करने के लिए मशीन भी स्थापित की गई है। इस खेती से किसान को भी फायदा मिलने वाला है। किसान यहां से प्रशिक्षण लेकर अपने खेतों में चाय की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं
डेमोटांढ़ कृषि अनुसंधान केन्द्र में जिले के पर्यटक अब चाय बगान घुमने के लिए आ रहे हैं और बगान की तारीफ करते नहीं थकते

AMRITA SINGH

In-House Reporter, Info India TV

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