पलाश , जो झारखण्ड का राज्य पुष्प है। इसे अनेकों नाम से जाना जाता है जैसे पलास , छूल, परसा ,टेसू । उरांव में पोलास , मुंडारी में मुडबा कहते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम ब्यूटीया मोनोस्पमा है। मुख्यत: इसके दो रंग होते है लाल एवं सफेद। लाल रंग के कारण इसे ” जंगल की आग ” कहा जाता है। लाल पलाश काफी आकर्षक होते है और प्राचीन काल से ही इससे होली के रंग बनाएं जाते हैं।

सफ़ेद पुष्प वाले लता पलाश को औषधीय दृष्टिकोण से अधिक उपयोगी मना जाता है।

पलाश के कुछ औषधीय गुण :

क) पलाश के फूलों को पीसकर चेहरे पर लगाने से चमक बढ़ती है।

ख) इसके उपयोग से बुढ़ापा दूर रहता है और यह शरीर में ऊर्जा प्रदान करता है।

ग) पलाश फूल के पानी से स्नान करने से लू नहीं लगती।

घ) जख्म होने पर इसका लेप करने से रक्त प्रवाह रोक को रोका जा सकता है।

ङ) तेज़ बुखार होने पर इसकी पत्तियों का रस लगाने से आराम मिलता है।

Manisha Priyadarshni

In-house Reporter, Info-India TV

Advertisements