रामगढ: जून 2017 के दौरान हुए झारखंड मॉब लिन्चिंग केस में रामगढ़ की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 12 आरोपियों में से 11 को दोषी करार दिया है। दोषियों को आजीवन कारावास की सजा डिस्ट्रिक्ट एडिशनल सेशन जज 2 की कोर्ट ने सुनाई। 29 जून 2017 को हुई थी हत्या।

यह देश का पहला मामला है जिसमें मॉब लिन्चिंग के आरोपियों को सजा सुनाई। भीड़ द्वारा किसी की हत्या किये जाने के मामले में पूरे देश में पहला फैसला सुनाया गया है। हेसला निवासी अलीमुद्दीन 29 जून 2017 को सुबह 10 बजे प्रतिबंधित मांस लेकर अपने मारुति वैन से चितरपुर की ओर से आ रहा था। इसी क्रम में बाजार टांड़ स्थित हिंदुस्तान गैस एजेंसी के पास आरोपी व अन्य लोगों द्वारा अलीमुद्दीन को पकड़ा गया तथा भीड़ द्वारा उसकी पिटाई करने के बाद उसके मारुति वैन में आग लगा दी गयी थी। इलाज के लिए रांची ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गयी थी। इस मामले में अलीमुद्दीन की पत्नी मरियम खातून द्वारा नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।
जिन 11 आरोपियों को सजा सुनाया गया है। उनमें दीपक मिश्रा, छोटू वर्मा व संतोष सिंह को न्यायालय ने मुख्य अभियुक्त माना है तथा दोषी करार दिया है। इनके अलावा नित्यानंद महतो, विक्की साव, सिकंदर राम, कपिल ठाकुर, रोहित ठाकुर, राजू कुमार, विक्रम प्रसाद व उत्तम राम शामिल हैं।

यह एक सबक है उन सभी मनचले भीड़ को जो कानून को अपने हाथ मे लेकर देश की कानून व्यवस्था की अव्हेललना करने की कोशिश करते।

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