आज एक ऐसे घोड़े पर नज़र पड़ी, जो अपने ही ‘नाल’ से बनी अँगूठियों की दुकान लगाए खुद ही खड़ा था, ज़ाहिर सी बात है इसमें किसी इंसान का ही हाथ होगा पर सोचने वाली बात ये है कि घोड़े की नाल वाली इन अंगूठियों की विश्वसनीयता का मानक ये घोड़ा…इंसानी ग्राहकों के अनेकों सवालों का जवाब क्या दे पाएगा?

लोकेशन: पहाड़ी मंदिर , रांची, झारखंड

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