आए दिन राजधानी में हो रही आत्महत्या ने रांचीवासियों को चौंका दिया है… रोज एक-दो युवा अपनी जान दे रहे हैं… आज ही सेवा सदन अस्पताल के सामने पार्किंग में एक लड़के ने पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली है… आखिर क्या वजह है जो ये बच्चे इतने असहिष्णु होते जा रहे है… हम क्यों अपनी धैर्य को खोते जा रहे हैं?… एक हार से ज़िन्दगी ख़त्म नहीं होती… और कोई भी परेशानी इतनी बड़ी नहीं होती कि जीवन कि लीला ही समाप्त कर दे… जरुरत है हमें बैठ के सोचने का कि हम जो करने जा रहे है उनसे हमारे घरवालों पर क्या बीतेगी… खुद को थोड़ा वक़्त दे… सही वक़्त पर सब कुछ सही हो जायेगा… अपने हौंसले को बुलंद रखें…a.jpg

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