​मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के लगातार सातवें दिन भी हिंसा हो रही है…किसान गुस्से से आग बबूला हो उठे हैं…हर तरफ अशांति फैली हुई हैं…किसानों के परिजनों में आक्रोश दिख रहा हैं…पूरे जिले में कर्फ़यू लगा दिया गया हैं… दरअसल, 2 दिन पहले मंदसौर में पुलिस फायरिंग में 6 किसानों की जान चली गयी थी…इसके बाद गुस्साए किसानों ने बुधवार को जिले के बरखेड़ा पंत में एसपी और कलेक्टर के साथ धक्कामुक्की की…कलेक्टर को सिर पर भी मारा…कलेक्टर अपनी जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए…मामला यही नहीं थमा…फायरिंग में मारे गए एक शख्स के अंतिम संस्कार के बाद भीड़ पुलिस की ओर दौड़ी…पुलिस के कई जवान जान बचाने के लिए भागकर पिपलिया मंडी थाने लौट गए…थाने के बाहर 600 जवान और उतने ही किसान अामने-सामने हो गए…मीडियाकर्मियों से भी झड़प हुई…

क्या है पूरा मामला?
कर्ज माफी और दूध के दाम बढ़ाने जैसे मुद्दे पर आंदोलन महाराष्ट्र में 1 जून से शुरू हुआ था…वहां अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है…मध्य प्रदेश के किसानों ने भी कर्ज माफी, मिनिमम सपोर्ट प्राइस, जमीन के बदले मिलने वाले मुआवजे और दूध के रेट को लेकर आंदोलन शुरू किया…शनिवार को इंदौर में यह आंदोलन हिंसक हो गया…मंदसौर और पिपलियामंडी के बीच बही पार्श्वनाथ फोरलेन पर मंगलवार सुबह 11.30 बजे एक हजार से ज्यादा किसान सड़कों पर उतर आये…पहले चक्का जाम करने की कोशिश की…फिर जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो पथराव शुरू कर दिया…किसानों ने यह आरोप लगाया है कि सीआरपीएफ और पुलिस ने बिना वॉर्निंग दिए ही फायरिंग शुरू कर दिया…जिसके वजह से 6 लोगों की मौत हो गई…

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