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अनशन के पांचवें दिन कपिल मिश्रा ने कहा कि इनकी जानकारियों का अंदाजा कुछ लोगों को होगा. उन्होंने करोड़ों के लेन देन के बारे में ब्योरा रखा. उन्होंने बताया कि किस प्रकार फर्जी कंपनियों से लेन देन किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में अरविंद केजरीवाल को पूरी जानकारी थी.

कैसे सैकड़ों की संख्या में फर्जी कंपनियों से पार्टी को फंड दिया गया और पार्टी ने इसकी जानकारी चुनाव आयोग और आयकर विभाग से छिपाई. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि पांच लोगों की विदेश यात्राओं के बारे में पार्टी जानकारी नही ं दे रही है. यह सारा खेल हवाला का है और कालाधन को सफेद करने का है.

मिश्रा ने कहा कि 2013-14 को पार्टी के अकाउंट में जो पैसा था उसका हिसाब कितान चुनाव आयोग से छिपाया गया. जो अकाउंट में पैसा था उसकी डिटेल भी पार्टी की वेबसाइट पर नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी सच नहीं बताया गया.

तीन साल के बाद आयकर विभाग के नोटिस में इन्होंने चुनाव आयोग को अमाउंट  बदलकर जवाब दिया. 2015-16 में बैंक में 65 करोड़ से ज्यादा पैसा था, लेकिन चुनाव आयोग को बताया गया 32 करोड़ का हिसाब किताब. और वेबसाइट पर भी अलग अमाउंट डाले गए. कई बोगस एंट्री की गई. उन्होंने कहा कि कई चुनाव आयोग से लगातार तीन साल तक जानकारी छिपाई गईं. साथ ही कहा कि आयकर विभाग से सभी बातें छिपाई गईं.

कपिल मिश्रा का आरोप है कि इन लोगों को पार्टी के फंड का दुरुपयोग करते हुए विदेश दौरों का निजी लाभ उठाया है. उन्होंने कहा कि ये पांच क्यों विदेश गए थे, किसके खर्चे पर गए थे, कहां रुके थे, किससे मिले थे.

उनका कहना है कि पार्टी लगातार पिछले कुछ समय से यह कह रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है, तो आखिर ये नेता किसके खर्चे पर विदेश यात्राओं का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग रूस भी गए थे. वहां क्यों गए थे. वहां तो पार्टी का न वजूद है न ही कोई समर्थक.

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